On Page SEO क्या है | On Page Seo कैसे करें? In 2021

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On Page SEO Kya Hai ? On Page Seo के फ़ायदे In 2021

On Page Seo Kya Hai ? दोस्तों आज की इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा कि गूगल के Algorithm के अनुसार इसकी मुख्य Activities और Technique को कैसे ऑप्टिमाइज़ किया जाए, ताकि ब्लॉग या वेबसाइट को गूगल या किसी सर्च इंजन में रैंक किया जा सके। बहुत से नौसिखिए ब्लॉगर हैं जो इसकी तकनीकी को नहीं समझते हैं कि इसे सही तरीके से कैसे किया जाए।

On Page Seo , SEO  का ही एक भाग है। SEO का मतलब होता है Search Engine Optimization । अपनी Website या Blog को Google सर्च इंजन में फर्स्ट पेज पर लाने के लिए ऑप्टिमाइज करना पड़ता है। यह Optimization 2 तरीके से होता है।

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Table of Contents

1. Types Of Seo

  • On Page Seo Optimization
  • Off Page Seo Optimization

आज हम बात करेंगे On Page Seo Optimization कैसे करते हैं। अब आपको पता चल गया होगा कि On Page Seo Optimization  क्या है? लेकिन इस Article में On Page Seo Optimization को SEO के लिए परफेक्ट Optimization कैसे करें, उसके बारे में विस्तार से चर्चा होगी।

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2. On Page SEO Kya Hai ? What Is On Page SEO In Hindi

On Page SEO क्या है :- किसी भी वेबसाइट या ब्लॉग को सर्च इंजन में रैंक कराने के लिए जिस काम से SEO एक्टिविटी की जाती है उसे On-Page SEO कहते हैं। इसमें ऐसी बहुत सी बातें रही होंगी, ऐसा करने के बाद ही ब्लॉग को Google के पहले Page पर रैंकिंग करके जाना जाता है। जिसे How to do On Page SEO सेक्शन में विस्तार से बताया गया है।

वैसे तो हर कोई चाहता है कि मेरा ब्लॉग या वेबसाइट सर्च इंजन के पहले Page पर नंबर-1 रैंक करे, लेकिन गूगल का सॉफ्टवेयर क्वालिटी कंटेंट के साथ-साथ कई पैरामीटर्स को देखकर ही अपनी रैंकिंग में पोजिशन देता है।

केवल वही वेबसाइट या ब्लॉग जिसकी Quality Google के Algorithm से मेल खाती है, उसे सर्वश्रेष्ठ स्थान पर रैंक करता है। इसमें भी काफी कॉम्पिटीशन है। इस प्रतियोगिता को जीतने के लिए On-Page SEO तकनीक को अपनाया जाता है।

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3. On Page Seo Optimization क्या है ?

On Page Seo Optimization :- Content या Article बनाते टाइम जो भी हम अपने Content या Article में इंप्लीमेंट करते हैं, जैसे टाइटल हेडिंग मीडिया डिजाइन को सही ढंग से ऑप्टिमाइज करना ही Search Engine Optimization कहलाता है।

On Page Seo Optimization क्या है यह जानने के बाद आता है कि इससे बैटर SERP ( सर्च इंजन रिजल्ट पेज ) कैसे करें?

बिना प्रैक्टिकली समझे आप इसे अपने Blog Content पर लागू नहीं कर सकते और अगर आप अपने पोस्ट का On Page Seo Optimization अच्छे से नहीं करते हैं तो आपको बैटर SERP नहीं मिल सकता।

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4. On Page SEO कैसे करें? How to do On Page SEO in Hindi

किसी ब्लॉग को Google में रैंकिंग देकर उसे सफल बनाने के लिए On-Page SEO महत्वपूर्ण है। यहां तक ​​कि अगर केवल Original Content लिखी जाती है, तो केवल वेब Page को रैंकिंग नहीं मिल सकती है। इसके साथ ही On-Page SEO को रणनीतिक रूप से करना होता है, जिसकी सूची और यह अच्छी तरह से वर्णित किया गया है कि किस सेक्शन में क्या काम करना है।

अगर हम बात करे की On Page SEO कैसे करे तो मैं आपको बता दूँ की निचे दी गयी सारी एक्टिविटी को ध्यान से समझ कर अपने ब्लॉग पर इस्तेमाल करे.

#1 ब्लॉग पोस्ट के मेटा डेटा को ऑप्टिमाइज़ करें।

मेटा डेटा में मुख्य रूप से तीन बिंदु होते हैं जैसे टाइटल, विवरण और Keyword, बिना Optimize किए जो On-Page कार्य पूरा नहीं होता है।

On Page SEO Checker Tools से अपनी साइट की SEO गलती को चेक करें ताकि आप जान सकें कि आपने अपनी साइट में SEO से संबंधित कौन सी गलतियां की हैं।

आइए अब जानते हैं कि इसे ऑप्टिमाइज़ कैसे करें।

टाइटल टैग का Optimize करते समय, पहले अपना Focus Keyword डालें और फिर समर्थित शब्द लिखें। जैसे आपका Keyword “How to start a Blog” है, तो आप ब्लॉग पोस्ट के टाइटल में दिए गए उदाहरण के अनुसार इसे ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं।

Example A :- ब्लॉग कैसे शुरू करें – टिप्स एंड ट्रिक इन हिंदी (Optimize)

Example B :- हिंदी में ब्लॉग शुरू करने के लिए टिप्स और ट्रिक (नॉट-ऑप्टिमाइज्ड)

Focus Keyword

यदि आपके पास एक से अधिक Focus Keyword हैं, तो आपको एक टाइटल बनाने के लिए दोनों को संयोजित करना होगा जो देखने के लिए केवल एक वाक्य लेता है। इसका मतलब यह होगा कि आपका टाइटल भी ऑप्टिमाइज़ हो जाएगा। 55 और 65 वर्णों के बीच बहुत अधिक टाइटल टैग की लंबाई लिखने से रैंकिंग में समस्या हो सकती है।

Description

हमारी पोस्ट सर्च इंजन में या फिर Social मीडिया में शेयर करने पर जो दिखता है वह उसका टाइटल Permalink और उसका Discription होता है। इन्हीं को देखकर User उन पर क्लिक करता है। एसलिए आपको अपने Discription मे भी Main Keyword का Use करना चाहिए ।

मेटा टैग के डिस्क्रिप्शन में आप अपने 2 या 3 कीवर्ड्स को मिलाकर एक पैराग्राफ लिख सकते हैं, इसमें यह भी ध्यान रखना होगा कि इसकी लंबाई 155 कैरेक्टर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, नहीं तो इसे ऑप्टिमाइज्ड नहीं कहा जाएगा।

Keyword

ब्लॉग पोस्ट में केवल 3 या 4 Keyword Focus करें, अधिक लक्ष्यीकरण करते समय ब्लॉग पोस्ट को रैंक करना मुश्किल होता है। वैसे ब्लॉग पोस्ट के Keyword सेक्शन में आप टारगेटेड कीवर्ड्स को सीधे वर्ड में लिख सकते हैं, रिवर्स में नेगेटिव और नेगेटिव शब्दों को एक साथ भी लिखा जा सकता है। Keyword सेक्शन में कोई कैरेक्टर काउंट नहीं है और न ही इसकी लिमिट अभी तक बनाई गई है।

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#2 Original और Quality Content लिखें।

जब भी आप कंटेंट लिखें या किसी को लिखने के लिए कहें तो उसे पब्लिश करने से पहले Plagirism को जरूर चेक कर लें कि कहीं कोई डुप्लीकेट तो नहीं है।

वैसे अगर कंटेंट 100% ओरिजिनल है तो सबसे अच्छा होगा, लेकिन फिर भी आपके ब्लॉग पोस्ट की क्वालिटी कम से कम 90% होनी चाहिए, तो उस पोस्ट के गूगल में रैंक होने की संभावना बनी रहती है, नहीं तो कोई उपयोग।

Original ब्लॉग पोस्ट लिखते समय सही शब्दों का ही प्रयोग करें और उसका अर्थ भी सही और सटीक होना चाहिए ताकि ब्लॉग पर आने वाले आगंतुकों को पढ़ने या समझने में कोई परेशानी न हो।

अगर आप कोई कंटेंट बिना मतलब के लिखते हैं तो शायद वह गूगल में रैंक हो जाएगा, लेकिन वह जल्द ही आपके ब्लॉग से हट जाएगा, जिससे आपके ब्लॉग का बाउंस रेट बढ़ जाएगा तो रैंकिंग भी नीचे चली जाएगी। इसलिए जो भी कंटेंट लिखा और ओरिजिनल है वह सही लिखा और लिखा गया है, भले ही इसमें थोड़ा अधिक समय लगे।

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#3 पहले Keyword रिसर्च करें, फिर कंटेंट लिखें।

बिना Keyword रिसर्च किए कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ करने में बहुत कुछ लगता है। वैसे ऐसे कीवर्ड्स पर कंटेंट लिखा जाना चाहिए जिनकी सर्च ज्यादा हो लेकिन कॉम्पिटिशन कम हो, उसी Keyword से कंटेंट को ऑप्टिमाइज करने से अच्छी रैंकिंग और ट्रैफिक मिलता है तो On Page SEO में खास ध्यान रखना चाहिए।

#4 Long Tail Keyword के साथ ब्लॉग पोस्ट को ऑप्टिमाइज़ करें।

कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप जिन कीवर्ड्स का इस्तेमाल करना चाहते हैं उनमें अतिरिक्त शब्द वाक्यांश जोड़कर Long Tail Keyword बनाएं और अपने ब्लॉग पोस्ट को ऑप्टिमाइज़ करें ताकि रैंकिंग के साथ-साथ ट्रैफिक भी बढ़े।

Long Tail Keywords क्या है? इसे कैसे सेट करें इसके कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं, जिन्हें समझकर आप अपने कंटेंट को ऑप्टिमाइज़ कर सकते हैं।

Long Tail Keyword उदाहरण:

अगर हम इस पोस्ट से सम्बंधित बात करें तो मेरे पास इसमें Keyword हैं “On Page SEO” यदि आप इसे long tail keyword बनाना चाहते हैं तो मैं इसमें लिखूंगा जैसे अगर आप हिंदी Keyword बनाना चाहते हैं तो आप लिखेंगे “What is On-Page SEO?”, “How on-Page SEO” Do”, “What is On-Page seo in Hindi” इस तरह से long tail keywords बना सकते हैं।

#5 Keyword स्टफिंग पर भी ध्यान दें।

On Page SEO ऑप्टिमाइजेशन में Keyword स्टफिंग भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है, जिसे नजरअंदाज करने पर ब्लॉग पोस्ट को रैंक करना मुश्किल हो जाता है।

अगर आपको नहीं पता कि Keyword स्टफिंग क्या है तो सबसे पहले इसके बारे में जानकारी लें और अपने ब्लॉग पोस्ट के कंटेंट को उसी के अनुसार ऑप्टिमाइज़ करें।

वैसे मैं यहां पर संकेत देता हूं कि आपकी पोस्ट में Focus Keyword 30% से अधिक नहीं होने चाहिए, अब आप दिए गए पोस्ट लिंक के माध्यम से इसकी गणना कैसे करें इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

#6 साइट को मोबाइल फ्रेंडली बनाने पर ध्यान दें।

जिस तरह आज के समय में ज्यादा लोग android मोबाइल चलाते हैं और अपना ज्यादातर Online काम मोबाइल से ही करते हैं तो अगर हम अपनी साइट को मोबाइल इंटरफेस के हिसाब से नहीं बनाएंगे तो हमारी वेबसाइट या ब्लॉग पर ट्रैफिक नहीं आएगा।

इसलिए जब भी आप कोई साइट बनाएं तो इस बात का ध्यान जरूर रखें कि वह मोबाइल फ्रेंडली हो और वह आसानी से गूगल में रैंक कर लेती है और यूजर्स हमारी साइट पर भी विजिट करते हैं और हमारी साइट का ट्रैफिक भी बढ़ता है।

यदि आप नहीं जानते कि साइट को मोबाइल फ्रेंडली कैसे बनाया जाता है, तो इंटरनेट पर इसके बारे में कई साइटें या वीडियो हैं जिनके माध्यम से आप जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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#7 सही H1 टैग का प्रयोग करें।

वेबसाइट या ब्लॉग में H1 टैग का होना बहुत जरूरी है। वैसे जब आप ब्लॉग पोस्ट करते हैं तो पोस्ट का टाइटल H1 टैग बन जाता है। इसलिए अपने टाइटल में एक टार्गेटेड Keyword डालें ताकि जब भी आपका ब्लॉग पोस्ट Google द्वारा कैश किया जाए तो आपकी साइट रैंक में आ जाएगी।

#8 अपनी पोस्ट में Broken Links चेक करें।

अपने सभी ब्लॉग पोस्ट का On Page SEO करते समय इसे जरूर चेक करें। अगर आपकी पोस्ट में कोई टूटी हुई लिंक है, तो Google आपकी साइट को उसकी रैंकिंग में नहीं रखेगा।

अपने ब्लॉग में टूटे हुए लिंक को चेक करने के लिए आप Google में Broken Link Checker सर्च करके बेस्ट टूल की मदद से चेक कर सकते हैं और इसके मौजूदा लिंक से इसे बदल कर सही कर सकते हैं।

#9 ब्लॉग पोस्ट में Matched Keyword

On Page SEO के तहत अपने ब्लॉग पोस्ट में इससे संबंधित टार्गेटेड मैच Keyword डालना बहुत जरूरी है।

जब तक आप अपने ब्लॉग पोस्ट के अनुसार Keyword नहीं डालेंगे तब तक आपके ब्लॉग पोस्ट पर ट्रैफिक नहीं आएगा। इसलिए ब्लॉग पोस्ट करने से पहले उससे मेल खाने वाले Keyword की लिस्ट बना लें और उसे सही जगह पर लागू करें।

#10 Affiliate Links के लिए No Follow Tag का इस्तेमाल करें।

अगर आप अपने ब्लॉग पोस्ट में किसी और ब्लॉग या वेबसाइट का लिंक डाल रहे हैं तो उसमें No Follow Tag का इस्तेमाल जरूर करें।

ऐसा करने में विफलता के परिणामस्वरूप आपके ब्लॉग या वेबसाइट की रैंकिंग में गिरावट आ सकती है।

और अगर आप भी अपने ब्लॉग में किसी एफिलिएट साइट का लिंक लगा रहे हैं तो उसमें भी No Follow का टैग जरूर लगाएं।

नो फॉलो टैग लगाने से आपकी वेबसाइट या ब्लॉग पोस्ट स्पैमिंग में नहीं गिने जाते और सर्च इंजन में रैंकिंग में कोई समस्या नहीं होती है। तो इस बात का खास ख्याल रखें।

#11 पोस्ट में एक्सटर्नल लिंक का भी इस्तेमाल करें।

अपने ब्लॉग पोस्ट में बाहरी लिंक देना भी एक On-Page SEO तकनीक है। आप अपने ब्लॉग पोस्ट से संबंधित विषय से संबंधित किसी अन्य वेबसाइट का लिंक भी दे सकते हैं।

एक्सटर्नल लिंक देते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान:-

  • अविश्वसनीय लिंक नहीं होना चाहिए।
  • कोई भी टूटी हुई कड़ियाँ न डालें।
  • कोई पुनर्निर्देशित लिंक नहीं होना चाहिए।
  • किसी भी गलत वेबसाइट से लिंक न करें।

यदि आप अपने ब्लॉग पर किसी भी प्रसिद्ध और उच्च ट्रैफिक वेबसाइट का लिंक डालते हैं, तो इससे आपके ब्लॉग को बहुत फायदा होता है। जब उस वेबसाइट को Google द्वारा कैश किया जाएगा, तो आपकी साइट को भी क्रॉल किया जाएगा।

#12 Seo Friendly Permalink :-

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Permalink को हमेशा छोटा और Keyword के साथ में लेकर बनाएं।

  • बेकार दिखने वाले URL को इग्नोर करें जैसे  :- Technofact.in/p=123
  • URL को ज्यादा बड़ा नहीं रखें जैसे :- Technofact.in/apne-page-k-liye-on-page-optimization-kaise-kare

Google हमेशा पोस्ट के Permalink में से शुरू के तीन चार वर्ड को ज्यादा वेल्यू देता है। जिसका मतलब है कि हमें अपने URL में सिर्फ Main Foacus Keyword को प्लेस करना चाहिए जिससे हमारा पोस्ट Google में जल्दी Rank हो ।

#13 टाइटल के शुरू में Keyword :-

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अगर आप अपने पोस्ट के लिए Main Keyword ( जिस कीवर्ड से आप अपने पोस्ट पर रैंकिंग चाहते हैं ) को टाइटल में प्लेस करते हैं और यह अच्छा भी है क्योंकि यह Google का सबसे इंपोर्टेंट On Page Seo Optimization है।

इसके साथ में आपको इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि आपको Main Keyword को टाइटल के शुरुआत में रखें।

अगर आप अपने पोस्ट के टाइटल को डायरेक्ट अपने Main Keyword से शुरू नहीं कर पा रहे हैं या कोई मीनिंग ही नहीं बन रहा है है तो भी कोशिश करें कि आप अपने Main Keyword को टाइटल के सेंटर में रखे हैं एंड में नहीं।

#14 चकित करने वाला मल्टीमीडिया

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आपके Article में सिर्फ टेक्स्ट होने से कुछ नहीं होता कोशिश होनी चाहिए कि उस Content में Vedios और images भी हो। वीडियो और image के कारण आपके Blog पर आने वाले User कुछ वक्त तक रुकेगा जिससे बाउंस रेट कम होगा और टाइम ऑन पेज बढ़ेगा।

Bounce Rate :- जब User Blog पर आकर बिना Blog पर समय बिताए Blog को बंद कर देता है इससे बाउंस रेट कम होता है।

Time On Page :- विजिटर आपकी Website पर कितना टाइम तक रुक रहा है इससे आपकी Website का टाइम ऑफ पेज का पता चलता है।  

अब आप सोच रहे होंगे कि मल्टीमीडिया On Page Seo Optimization के लिए अच्छा कैसे हैं?

आप अपने Content में Attrective Vedios और images ऐड करोगे तो इससे आपके Blog की बाउंस रेट कम होगी यानी User आपकी Website को Close कर दे इसके चांस कम हो जाते हैं जो कि Google में On Page Seo Optimization के लिए अच्छा है और साथ में टाइम ऑन पेज बढ़ेगा जिससे User आपकी Website पर ज्यादा टाइम तक रहेगा तो यह भी Google On Page Seo Optimization के लिए अच्छा है।  

कुल मिलाकर Google User बिहेवियर भी देखता है कि User आपकी Website पर कितने टाइम तक रुकता है और कितने User आपकी Website को बिना आगे बढ़े Close कर रहे हैं।  

अगर कोई विजिटर आप के Content पर Google से सर्च करके आता है और पेज लोडिंग होते ही आपके उस Content से बैक आ जाता है तो यह आपके सर्च इंजन रैंकिंग के लिए नेगेटिव इफेक्ट डालेगा इसलिए हमारी कोशिश होनी चाहिए कि उस विजिटर को अपनी Website पर रोक के रखना चाहिए।  

#15 1st Paragrafh मैं main Keyword ka उपयोग

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Main Keyword हमेशा आपके Article या Content में शुरू के फर्स्ट पैराग्राफ में ही होना चाहिए । Keyword को शुरू के वर्ड में ही Use करने से Google पहचान जाता है कि आपका पेज किस बारे में है ।

#16 लोडिंग स्पीड कम करें :-

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Google यह भी रिकॉर्ड करता है कि आपके Blog की लोडिंग स्पीड कितनी है? यानी आपके Blog को खोलने की स्पीड फास्ट होनी चाहिए। इसे कम करने के लिए आप अपने Blog पर हाई डेफिनेशन images को Compress कर सकते हैं और अगर आपने Blog को Self Host पर रखा है तो फास्ट स्पीड होस्टिंग ही लें।  

अगर आप Google Blogger Use करते हैं तो आपको होस्टिंग की पावर के बारे में देखने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि Blogger प्लेटफार्म में आपकी Website Google के सर्वर पर होस्ट होती है।

आप अपनी कोशिश बनाए रखें कि आपकी Website कम से कम 4 सेकंड में ही ओपन हो जाए और अगर आपके Blog पर User इंडियन आते हैं तब आपको अपनी साइड की स्पीड को कम करना ही चाहिए।  

रिसर्च से पता चला है कि अगर आपकी Website खोलने में 4 सेकेंड से भी ज्यादा टाइम लेती है तो 75% User आपकी Website को दोबारा विजिट नहीं करेंगे।

GTmatrix.com  का Use करके आप अपनी Website की लोडिंग इस्पीड को चेक कर सकते हैं।

Website की लोडिंग स्पीड कैसे कम करें? उसकी कुछ इंपोर्टेंट टिप्स मैंने आपको पहले ही शेयर की है जो Trick आप अपनी Website पर जरूर अप्लाई करें

#17 अपने टाइटल में Modifiers ऐड करें

मोडीफायर मतलब Best, Top, Famous, Guide, Complete Guide, Helpful Etc. आप इन सभी शब्दों को अपने टाइटल में ऐड करने से इसे और भी अट्रैक्टिव बना सकते हैं।  जैसे आपको एक Content लिखना है जिसका थीम है – वर्डप्रेस के टूल्स तो इसे टाइटल में इस तरह से ऐड कर सकते हैं।

  • Top 10 WordPress Tools
  • 10 Famous WordPress Tools
  • Best WordPress Tools

अगर आप इस तरह से अपने Article का टाइटल लिखोगे तो आप फेसबुक व्हाट्सएप Google+ आदि Social Website पर शेयर करने पर भी वहां से आपको क्लिक मिलने के चांसेस हाई होंगे और साथ में Google पर Website शो होने के भी हाई चांस होंगे । कि User आपके Blog Content का टाइटल देखे तो तुरंत आपके Blog के Content को ओपन करें।  

#18 Social शेयरिंग बटन Use करें

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बहुत कम चांस होते हैं आप के Content को पढ़ने के बाद रीडर्स आपके उस Content को अपनी Social प्रोफाइल पर शेयर करें लेकिन जब आप Social शेयर बटन का Use करते हैं तब User आप के Content को शेयर करेंगे।

अगर आप Social शेयर बटन ऐड नहीं करते तो आपके Blog के ऐसे Visiters काफी कम होंगे जो Address Bar से URL कॉपी करके अपने Social प्रोफाइल पर पेस्ट करके शेयर करें। यानी Social शेयर बटन का Use करना बहुत जरूरी है।

अगर आप अपने Content को Social Website पर वायरल करना चाहते हैं तो ध्यान रखे । अगर आप Google Blogger प्लेटफार्म Use करते हैं तो हो सकता है आपके टेंपलेट में ही Social शेयर बटन ऑप्शन हो। अगर नहीं हो तो आपको अलग से Social शेयर बटन ऐड कर लेना चाहिए और वर्डप्रेस में आप सिंपली Dig-Dig Plugin इंस्टॉल कर सकते हैं।

#19  Content Lenth को बड़ा रखें

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रिसर्च से पता चला है आपके Content में जितने Lenth होंगे आपके Google फर्स्ट पेज पर रैंक होने के चांसेस उतने ज्यादा हाई होंगे। आप जिस Content की high-ranking चाहते हो और वह Content का टॉपिक भी काफी हाई कंपटीशन में है तब आपको कोशिश करनी चाहिए कि पोस्ट कम से कम 2000 वर्ड में तो लिखा ही जाए और अगर इससे ज्यादा वर्ड में लिखते हो तो और भी बेस्ट हैं और रूल बना देना चाहिए कि हर Content को कम से कम 1000 वर्ड से ज्यादा में लिखें।  

जितना लॉन्ग Content होगा उसमें उतनी ही ज्यादा long-tail Keyword को Use में ले सकेंगे यानी On Page Seo Optimization के लिए उतना ही अच्छा होगा ।

#20 अपनी Post मे Internal Link का प्रयोग करें

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Internal Link ( इंटरनल लिंक ) का मतलब यह है कि आप अपने नए पोस्ट में पहले किए गए Article का लिंक भी ऐड कर सकते हैं लेकिन उस न्यू Content में उसी Content का इंटरनल लिंक ऐड करें जो उस से रिलेटेड हो।  

अगर इसका अच्छा सा Example देखना है तो वह है Wikipedia, Wikipedia पर एवरेज हर पोस्ट पर 50 प्लस इंटरनल लिंक आपको मिल जाएंगे। इस बारे में मेरा सजेशन होगा कि New Content पर कम से कम 2 से 5 Old Content को लिंक करें जिससे आपकी Blog की बाउंस रेट भी कम होगी क्योंकि आप User को एक ही Content नहीं बल्कि उसके साथ में और भी Content पढ़ने के लिए आगे कर रहे हैं । ऐसा करने से विजिटर आपके Blog पर और ज्यादा टाइम तक रुकेगा ।

#21 Use Keyword इन H2, H3, H4

आप अपने Content में H2 एंड H3 को Subheading देने के लिए तो Use करते ही होंगे। अगर नहीं तो इसे Use में ले क्योंकि यह आपके Content को ज्यादा User फ्रेंडली बनाती है और उसमें Keyword रखने से यह On Page Seo Optimization को और भी स्ट्रांग करेगा। आपको यह ध्यान भी रखना है की Keyword की लिमिट भी बराबर होनी चाहिए वह एक लिमिट से ज्यादा ना हो नहीं तो वह भी केवल स्टाफिंग कहलाता है जो हमारे लिए अच्छा नहीं है ।

#22 image On Page Seo Optimization

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1. images Name

आप अपने Content में जो image ऐड करते हैं उस image का नाम भी वही दें जो आपके Main Keyword है। ( For Example :- on-page-seo.jpg )

  • 123456.jpg
  • 654321.jpg

इस तरह से image का नाम नहीं रखें ।

2. ALT Tag image Optimization

  • अगर आप Google Blogger प्लेटफॉर्म Use करते हैं तो इसके पोस्ट एडिटर में image में Alt Tag ऐड करने का ऑप्शन है। Alt Tag में भी अपने Main Keyword को ही प्लेस करें।
  • अगर आप WordPress प्लेटफार्म Use करते हैं तो इसके पोस्ट एडिटर में भी image में Alt Tag ऐड करने का ऑप्शन है जिसके लिए केवल image के बॉर्डर पर एडिट बटन पर क्लिक करें ।

image Optimization करने का दूसरा रीजन यह है कि आपका Content किस बारे में है Google को यह पता चलने में आसानी होती है जो कि आपको सर्च ट्रैफिक आने में मदद करेगा।

एग्जांपल के लिए आपके Content में दो image हैं जिस पर एलटी टेग एड है। एक पर Online मेक मनी और दूसरे पर ऑफलाइन मेक मनी तो Google समझेगा कि आपका Content मेक मनी टॉपिक पर है।


On Page SEO क्या है ? ( FAQ )

Q. Off page seo क्या है?

ऑफ-पेज एसईओ का अर्थ (Off-Page SEO Meaning): वो सारी गतिविधियां जिन्हें हम अपने ब्लॉग पर बाहरी रूप (externally) से करते हैं, ऑफ पेज SEO कहलाती हैं। Off Page SEO उन सारी SEO techniques का समूह है जिनका प्रयोग हम अपनी पोस्ट के पब्लिश होने के बाद करते हैं ताकि वह गूगल में ऊपर rank कर सके।

Q. Technical SEO क्या है?

टेक्निकल एसईओ क्या है? (What is Technical SEO): सर्च इंजन किसी वेबसाइट को गूगल में rank करने के लिए सिर्फ उसके keywords और backlinks ही नहीं जाँचते हैं बल्कि वे इन दोनों चीजों के साथ-ही-साथ उसका technical analysis भी करते हैं। … अपनी वेबसाइट की इन चीजों में सुधार करना ही उसका technical seo करना कहलाता है।

Q. SEO का क्या मतलब है इसका क्या उपयोग है?

SEO या Search Engine Optimization एक process है जिसके द्वारा एक Blogger अपने Blog या Website को कुछ इसप्रकार से optimize करता है की जिससे वो blog के articles को Search Engine में rank कर सकें और वहां से अपने blog पर free traffic ला सके.


Technofact.in pubg


Conclusion :- 

दोस्तों उम्मीद करता हूं आपको मेरी साइट Technofact पर दी गई जानकारी पसंद आई होगी क्योंकि आज मैंने आसान शब्दों में आपको काफी कुछ बताने का प्रयास किया है।

आपको आपके सवालों के जवाब यहां मिल गए होंगे अगर आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करना ताकि यह जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जरूर पहुंचे।

तो दोस्तों आज के लिए बस इतना ही दोबारा फिर से टेक्नोलॉजी एवं टिप्स एवं ट्रिक्स से संबंधित जानकारी लेकर दोबारा फिर हाजिर होंगे तब तक के लिए अलविदा !


! साइट पर आने के लिए आपका धन्यवाद !

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